Saturday, February 23, 2013

इश्क़ का फर्क

"फर्क थोडा सा है ... मेरे और तेरे इश्क मे यारे ...

तू माशूक की खातिर रातभर जागता है...

और मुझे मुल्क के हालात....सोने नही देते।।"
- अज्ञात

3 comments:

दिनेश पारीक said...

वहा क्या बात है क्या दर्द इन चंद शब्दों में बयाँ किया है

मेरी नई रचना

खुशबू

प्रेमविरह

तुषार राज रस्तोगी said...

बहुत उम्दा देश प्रेम की अभिव्यक्ति | सादर

Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

Darshan Jangara said...

बहुत उम्दा

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