Monday, October 29, 2012

ज़िन्दगी का फलसफा

दोस्तों, आज तक आप सब को मिर्ज़ा गालिब के शे'र पढ़वाता आया हूँ आज उनके हिसाब से ज़िन्दगी का जो फलसफा है वो आप सब की पेश ए नज़र है ... 
बक़ौल चचा गालिब,
" सुनो साहब, जिस शख़्स को जिस शगल का ज़ौक़ हो और वो उसमे बेतकल्लुफ़ उम्र बसर करे ... उसका नाम ऐश है !! "

2 comments:

shikha varshney said...

waah waah.

ब्लॉग बुलेटिन said...

इंडियन राम भी हुए 'मेड इन चाइना' के मुरीद - ब्लॉग बुलेटिन आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

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