"भारत माँ की एक तस्वीर मैंने यूँ बनाई है ;
बँधी है एक बेबस गाय खूँटे में कसाई के।"
- अदम गोंडवी
मेरा यह ब्लॉग समर्पित है उन शायरों को जिन को मैं पढ़ता आया हूँ और जिन के अश्आर मुझे सुकून देते है ! उन सब शायरों को मेरा सलाम !
"एक जनसेवक को दुनिया में 'अदम' क्या चाहिए ... ;
चार छ: चमचे रहें, माइक रहे, माला रहे ..."
- अदम गोंडवी