Saturday, April 27, 2013

दिल की कशिश



" मैं क्यूँकर कहूँ तुम आओ कि दिल की कशिश से वो ; 
आयेँगे दौड़े आप मेरे घर कहे बग़ैर !! " 
- बहादुर शाह ज़फ़र

7 comments:

वन्दना अवस्थी दुबे said...

क्या बात....

ब्लॉग बुलेटिन said...

आज की ब्लॉग बुलेटिन १०१ नॉट आउट - जोहरा सहगल - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

expression said...

बहुत खूब.....

अनु

तुषार राज रस्तोगी said...

लाजवाब....

Ashok Khachar said...

Gazab hai saheb..

Apanatva said...

Baboon khoob

Apanatva said...

Baboon khoob

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